पिछले दिनों दीपावली से ठीक पहले शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर बीजेपी
युवा मोर्चा के निष्ठावान कार्यकर्ताओं ने नगर-निगम पर एक प्रदर्शन किया !
जाहिर सी बात है की प्रदर्शन में युवा शक्ति थी, और जब ये एकत्रित हो जाती
है तो इसके जोश में होश रहने की सम्भावना कम ही रहती है !
मेरा मानना
है की ऐसे में नेतृत्त्व किसी समझदार और जिम्मेदार व्यक्ति को ही करना
चाहिए अन्यथा इस शक्ति के अनियंत्रित होकर बिखरने का डर रहता है और वही
हुआ, प्रदर्शनकारियों ने जोश में होश खो दिया और निगम कार्यालय में जमकर
तोड़-फोड़ करने के साथ ही सारी मर्यादाओं को पार करते हुए निगम के सी ई ओ
पर कचरा फेंका, ये पूरा नजारा चैनल्स और मीडिया के द्वारा सभी ने देखा !
पुलिस द्वारा बाद में 12 कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया !
अब
आप देखिये ताज्जुब इस बात का है की पार्टी के बड़े नेताओं ने अमर्यादित और
अशोभनीय घटना की निंदा करने की बजाय कार्यकर्ताओ को छुड़ाने के लिए थाने
में ही धरना दिया .....
इन सभी लोगो को जब जेल भेज दिया गया तो पार्टी
के बड़े बड़े नेताओं सहित पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे खुद उनसे मिलने
गयी जैसे कोई बहुत बड़ा काम इन लोगो ने कर दिया हो .....
हद तो तब हो
गयी जब इन्हें जमानत मिली तो जेल से बहार आते ही इनका बड़ा स्वागत किया गया
और विजय-जुलुस की तरह रैली के रूप में बीजेपी कार्यालय लाया गया और वह
आतिशबाजी की गयी जैसे कोई बड़ी जंग जीतकर आये हो .....
अब आप ही सोचिये !!!
कभी सम्प्रदाय ने नाम पर.....,
कभी राम के नाम पर ....,
कभी गौमाता के नाम पर ....,
और अब युवाओं को अमर्यादित आचरण पर प्रोत्साहन देकर ....
इस देश को क्या देना चाहती है बीजेपी .... ???????????????
जय हिन्द !
