Saturday, June 6, 2020

मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के दूरदर्शी फैसले


प्रदेश भर में कोराना संक्रमण की रोकथाम एवं उपचार गतिविधियों के अलावा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर भी विशेष ध्यान  



कोविड-19 महामारी के कारण पैदा हुई स्थितियों में राजस्थान स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में देशभर में 'मॉडल स्टेट' के रूप में उभरा है। एक ओर जहां प्रदेश में अधिक संख्या में जांचें हो रही हैं, वहीं संक्रमित लोगों का आंकड़ा अन्य बड़े राज्यों के मुकाबले तुलनात्मक रूप से कम है। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के निर्देश पर प्रदेश में मुस्तैद क्वारेंटाइन व्यवस्था के चलते प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। यहां मरीजों के दुगुना होने का समय राष्ट्रीय औसत से बेहतर है और मृत्युदर भी राष्ट्रीय औसत के मुकाबले कम है।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर भी विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने लॉकडाउन के दौरान ही निर्देश दिए थे कि गर्भवती महिलाओं की जांच एवं टीकाकरण का कार्य कोविड-19 की वजह से बाधित नहीं होना चाहिए। साथ ही अन्य बीमारियों के लिए आमजन को परेशान न होना पड़े, इसके लिए भी मुख्यमंत्री ने विशेष व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देशों की पालना में प्रदेश भर में कोराना संक्रमण की रोकथाम एवं उपचार गतिविधियों के अलावा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पोषण दिवस आयोजित कर प्रसूताओं एवं बच्चों को टीकाकरण सहित विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से प्रदान की जा रही हैं। इस दौरान गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच यथा हिमोग्लोबिन जांच, वजन, मूत्र, मधुमेह, लम्बाई, रक्तचाप की जांच की और आवश्यक परामर्श भी दिया जा रहा है।

550 मोबाइल वैन दे रही हैं चिकित्सा परामर्शमुख्यमंत्री के विशेष निर्देश पर प्रदेश भर में 550 मोबाइल ओपीडी वैन भी चलाई जा रही हैं, जिनके माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोग सामान्य बीमारियों के लिए चिकित्सा परामर्श ले रहे हैं। इन सेवाओं से प्रदेशभर में लाखों लोग लाभान्वित हो चुके हैं। इसके अलावा ई-संजीवनी पोर्टल पर भी विशेषज्ञ चिकित्सक प्रदेशवासियों को नि:शुल्क आॅनलाइन परामर्श दे रहे हैं।

एसएमएस और जयपुरिया अस्पताल हुए कोविड फ्रीआमजन को कोविड-19 के अतिरिक्त दूसरी बीमारियों के इलाज के लिए परेशान न होना पड़े, इसके लिए राज्य सरकार विशेष इंतजाम कर रही है। राज्य सरकार ने जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल और जयपुरिया अस्पताल को कोविड फ्री घोषित किया है और आरयूएचएस में कोविड-19 से जुड़ी सभी तरह की चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ किया है। इसी का परिणाम है कि  प्रदेश भर में कोराना संक्रमण की रोकथाम एवं उपचार गतिविधियों के अलावा दूसरी बीमारियों के मरीजों के लिए भी सुविधाओं में किसी तरह की कसर नहीं रखी जा रही है।