Thursday, March 4, 2021

बजट में की गई घोषणाओं से प्रदेश में बनेगा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का और बेहतरीन माहौल

 



माननीय मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत जी द्वारा बजट 2021—22 प्रस्तुत किया गया। इस बजट में प्रदेश में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। इन घोषणाओं के लागू होने पर प्रदेश के गावों एवं कस्बों में भी अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा मिलेगी, साथ ही डिजिटल एवं ऑनलाइन की पहुंच आसान होगी।


बजट 2021—22 में शिक्षा के क्षेत्र में की गई उल्लेखनीय घोषणाएं-

गांवों एवं कस्बों में भी मिलेगी अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा

मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत जी के नेतृत्व में प्रदेश में अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा को बढ़ावा देने उल्लेखनीय प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले साल प्रदेश में ब्लॉक स्तर पर 201 महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय खोले गए। इस बजट घोषणा में उन्होंने 5 हजार से अधिक आबादी वाले सभी गांवों एवं कस्बों में अगले 2 वर्षों में अंग्रेजी माध्यम के लगभग 1200 महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय प्रारंभ करने की घोषण की है।

इसके साथ ही अभिनव पहल के रूप में जिला मुख्यालयों पर स्थित 33 अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में प्री-प्राइमरी कक्षाओं का संचालन किया जायेगा।


इन घोषणाओं से प्रदेश के अंग्रेजी माध्यम में सरकारी विद्यालयों में भी बेहतर शिक्षा मिल सकेगी। जिससे गरीब व जरूरतमंदों परिवारों के बच्चे भी शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।


कृषि शिक्षा को बढ़ावा

प्रदेश में कृषि संकाय की मांग एवं विद्यार्थियों को कृषि, उद्यानिकी एवं कृषि—वानिकी के क्षेत्र में अध्ययन के विकल्प प्रदान करने के लिए विज्ञान संकाय वाले 600 राजकीय विद्यालयो में कृषि संकाय खोले जाने की घोषणा की गयी है।  


इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण

प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में चरणबद्ध रूप से बुनियादी सुविधायें विकसित करने हेतु 3500 से अधिक क्लासरूम, लैबोरेट्रीज, पुस्तकालय, आर्ट एवं क्राफ्ट, कम्प्यूटर रूम आदि का निर्माण करवाया जाएगा, 15 नए भवनों का निर्माण एवं 70 विद्यालयों में मरम्मत इत्यादि कार्य करवाए जायेंगे। इन कार्यों पर 540 करोड़ रुपये खर्च होंगे।


प्रदेश के 37 हजार 400 आंगनबाड़ी केन्द्रों तथा अंग्रेजी माध्यम के 134 स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल विद्यालयों में प्री-प्राइमरी के बच्चों के लिए 225 करोड़ रुपये की लागत से चाइल्ड फ्रेंडली फर्नीचर उपलब्ध करवाया जाना प्रस्तावित है।


ऑनलाइन शिक्षा को दिया जाएगा बढ़ावा

प्रदेश में कोरोना महामारी के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों में डिजिटल शिक्षा एवं ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से छात्रों की पढ़ाई सुचारू रूप से जारी रखी गई। इसी वजह से आगामी वर्ष में सभी राजकीय माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों एवं कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में स्मार्ट टीवी एवं सेटटॉप बॉक्स उपलब्ध कराए जायेंगे।


छात्रावासों एवं आवासीय विद्यालयों में इंटरनेट कनेक्शन की सुविधा एवं ऑनलाइन पढ़ाई के लिए सभी विश्वविद्यालयों की लाईब्रेरी में फ्री वाईफाई की सुविधा उपलब्ध करवायी जायेगी जिस पर 82 करोड़ रुपये का व्यय होगा।


मूक-बधिरों के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अवसर

मुख्यमंत्री जी ने गांधी बधिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, माता का थान (जोधपुर) एवं पोद्दार मूक बधिर उच्च माध्यमिक विद्यालय (जयपुर) में विशेष योग्यजन विद्यार्थियों हेतु दो नवीन महाविद्यालय बनाने की घोषणा की है।


तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा

जोधपुर में 400 करोड़ रुपये की लागत से Fintech Digital University स्थापित की जायेगी। जयपुर में 200 करोड़ रुपये की लागत से Rajasthan Institute of Advanced Learning की डीम्ड यूनिवर्सिटी के रूप में स्थापना की जायेगी। साथ ही जयपुर में लगभग 200 करोड़ रुपये की राशि से Rajiv Gandhi Center of Advance Technology (R-CAT) स्थापित किया जायेगा।


वैज्ञानिक गतिविधियों को प्रोत्साहन

प्रदेश के लगभग 1 हजार 500 राजकीय विद्यालयों के कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक गतिविधियों के प्रोत्साहन के लिए साइंस एंड स्पेस क्लब खोले जायेंगे।


विद्या संबल योजना को किया जाएगा लागू

राज्य सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों— विद्यालयों, महाविद्यालयों, आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों में विषय विशेषज्ञ अनुभवी व्यक्तियेां को गेस्ट फैकल्टी के रूप में लेने के लिए विद्या संबल योजना लागू करने की घोषणा की है। जिससे छात्रों को अध्यापकों की कमी के लिए जूझना नहीं पड़ेगा।


इस प्रकार मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उल्लेखनीय घोषणाएं की है। जिससे प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनकर उभरेगा।

Wednesday, March 3, 2021

बजट 2021-22 की ऐसी घोषणाएं, जो बदलेंगी राजस्थान की तस्वीर



राजस्थान में मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत द्वारा पेश किये गए जन बजट 2021-22 में अनेक उल्लेखनीय निर्णयों एवं घोषणाओं ने इसे विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों के लिए हितकारी और बेमिसाल बनाया है। प्रदेश के हर वर्ग, हर व्यक्ति के लिए बजट में सौगातें हैं। प्रदेश में पहली बार पेपरलैस बजट पेश किया गया, जोकि एक ऐतिहासिक कदम है। बजट के माध्यम से समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए विकास योजना की रूपरेखा तैयार होती है। मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश के किसान भाइयों, व्यापारियों, उद्यमियों, युवाओं, महिलाओं, वंचित वर्गों, मजदूरों आदि सभी को साथ लेकर प्रदेशवासियों के जीवन को खुशहाल बनाने की सोच के साथ बजट पेश किया। 


राजस्थान के विकास को समर्पित राज्य बजट में ऐसी अनेक बातें हैं जिनसे सरकार के ध्येय, आमजन की सेवा करते हुए संवेदनशील, पारदर्शी एवं जवाबदेह सुशासन देने की प्रतिबद्धता एवं संकल्प प्रदर्शित होता है। सरकार सबसे जरूरतमंद व्यक्ति तक सबसे पहले पहुंचना चाहती है। प्रत्येक नागरिक के कल्याण को समाहित करने वाले इस बजट की कई महत्वपूर्ण घोषणाएं हैं, जिनसे माननीय मुख्यमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में प्रगति के पथ पर अग्रसर राजस्थान की आगामी वर्षों में बदलती तस्वीर देखने को मिलेगी


आगामी वर्ष से कृषि के लिए अलग से होगा बजट

राजस्थान अन्नदाता का स्थान है एवं यहाँ उन्हें हर प्रकार की एवं बेहतर सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। राज्य बजट 2021-22 के अंतर्गत अन्नदाताओं के बेहतर भविष्य के लिए, उन पर पूर्ण ध्यान देने हेतु एवं उनके हितों के संरक्षण के लिए आगामी वर्ष से 'कृषि बजट' की शुरुआत करना प्रस्तावित किया गया है। अलग बजट से किसानों को दी जाने सुविधाओं पर ध्यान देकर उन्हें उन्नति के मार्ग पर ले जाने में सरलता होगी। किसानों के ऋण संबंधी प्रावधानों एवं उन्हें सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाओं को इसी कृषि बजट में रखा जायेगा।


ग्रामीण बस सेवा की शुरुआत

राज्य बजट 2021-22 के अंतर्गत पर्यटन एवं परिवहन को लेकर विभिन्न घोषणाएं की गई हैं। शहरों की तरह ही ग्रामों में परिवहन को लेकर किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े इसके लिए नए वाहनों के साथ ग्रामीण बस सेवा दोबारा शुरू करने पर सहमति दी गयी है। कई ग्राम पंचायतों में जहाँ अभी तक परिवहन के साधन उपलब्ध नहीं थे ऐसी 6000 ग्राम पंचायतों को परिवहन सेवा से जोड़ा जायेगा। इसके लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। साथ ही प्रदेश के प्रतापगढ़, करौली, जैसलमेर और बारां जिलों में ऑटोमैटिक फिटनेस सेंटर्स बनाये जायेंगे। परिवहन क्षेत्र में लिए गए इन निर्णयों की बदौलत हमारे ग्रामीण भाई-बहन आसानी से आवगमन कर सकेंगे।


प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रतिभागियों को नि:शुल्क यात्रा की सुविधा

राज्य सरकार के इस जनहितकारी बजट में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे परीक्षार्थियों के लिए राजस्थान रोडवेज में नि:शुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान की गयी है। ऐसे में छात्र-छात्राओं पर पड़ने वाले आर्थिक भार में कमी आयेगी एवं वे परीक्षा पर अपना ध्यान केन्द्रित कर सकेंगे। प्रतियोगी परीक्षा के प्रतिभागियों के साथ ही प्रदेश के युवा ब्रांड एम्बेसडर्स को भी यह सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।


मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना का विस्तार

महिला सशक्तीकरण में राजस्थान सरकार सदैव आगे रही है एवं इस बजट में मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत द्वारा की गई मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना के विस्तार की घोषणा में यह साफ़ जाहिर भी हुआ है। इस योजना के अंतर्गत सभी महिलाओं को नि:शुल्क सेनेटरी नैपकिन के लिए 200 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। इससे महिलाओं को अब इन नैपकिन्स पर आर्थिक व्यय करने की आवश्यकता नहीं होगी एवं जो महिलाएं इन्हें खरीदने में समर्थ नहीं हैं उन्हें भी यह मुफ़्त प्राप्त हो सकेंगे। शहरी एवं खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में नैपकिन उपलब्ध करवाकर महिला स्वास्थ्य का पूरा ध्यान राज्य सरकार द्वारा रखा गया है।


जरूरतमंद को सहायता में बढ़ोतरी

कोरोना महामारी से उपजे आर्थिक संकट से उबारने के लिए मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत द्वारा पेश किये गए बजट में जरूरतमंदों, असहायों, निराश्रितों एवं मजदूर परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई गयी है। लगभग 33 लाख ऐसे लोगों को आगामी वर्ष में अंतिम क़िस्त के रूप में 1-1 हजार रूपये की सहायता राशि 2 बार में देने की घोषणा की गई है। कोरोनाकाल ने गरीब वर्ग पर काफी प्रभाव डाला है एवं राज्य सरकार ने समय पर उनको सहायता उपलब्ध करवाई जिससे मुश्किल समय में भी वे परेशान न हों एवं अपनी मूलभूत आवश्यकताओं को पूर्ण कर सकें। आमजन की पीड़ा को अनुभव करते हुए एक विशेष कोविड पैकेज की घोषणा की गयी है।


जीवन रक्षक योजना की शुरुआत

प्रदेश में आपातकाल में नागरिकों की सुरक्षा एवं मदद के लिए लोगों को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार द्वारा विशेष योजना की शुरुआत की गई है। जीवन रक्षक योजना के तहत गंभीर घायलों का जीवन बचाने वाले व्यक्तियों को 5 हजार रूपये एवं प्रशस्ति पत्र द्वारा सम्मान दिया जायेगा। इससे लोगों को जहाँ जीवन बचाने पर प्रोत्साहन मिलेगा वहीं घायलों की जान बचाना समय पर संभव हो पायेगा।


यूनिवर्सल हैल्थ कवरेज

बजट 2021-22 में प्रदेशवासियों को स्वास्थ्य सुरक्षा का उपहार देते हुए आगामी वर्ष से राजस्थान में 3500 करोड़ रूपये की लागत से Universal Health Coverage लागू किया जाएगा। यह योजना देश में पहली बार चलायी गई है। इसके तहत राज्य के प्रत्येक परिवार को 5 लाख रूपये की चिकित्सा बीमा सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। इस प्रकार से आयुष्मान भारत-महात्मा गाँधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना के NFSA एवं SECC परिवारों के साथ-साथ समस्त संविदाकर्मियों, लघु एवं सीमान्त कृषकों को नि:शुल्क तथा अन्य परिवारों को बीमा प्रीमियम की 50 प्रतिशत राशि पर (लगभग 850 रूपये वार्षिक खर्च पर) सरकारी व निजी चिकित्सा संस्थानों में कैशलेस इलाज हेतु 5 लाख रूपये तक की वार्षिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।


राज्य सरकार के इस बजट में मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत द्वारा विभिन्न घोषणाओं के माध्यम से राज्य के हर नागरिक के चेहरे पर मुस्कान आई है। विभिन्न माध्यमों से लोगों को लाभान्वित कर उन्हें अनेक सुविधाएं एवं सेवाएं पहुँचाने के लिए विभिन्न कार्य किये जाएंगे। राज्य सरकार का प्रयास है कि कोई वर्ग किसी प्रकार से बजट के लाभों से अछूता न रहे एवं राज्य चहुंमुखी विकास की ओर अग्रसर हो। 

Tuesday, March 2, 2021

देश में पहली बार राजस्थान में 'यूनिवर्सल हैल्थ कवरेज': प्रत्येक परिवार को 5 लाख रूपये की चिकित्सा बीमा सुविधा


 
'पहला सुख निरोगी काया' की अवधारणा पर काम करते हुए महात्मा गांधी जी के कथन 'स्वास्थ्य ही असली संपत्ति है, न कि सोना और चांदी' को आत्मसात करते हुए माननीय मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत जी प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य को सर्वोपरि रख निरोगी राजस्थान बनाने के लिए लगातार हर संभव कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री जी का सपना है राजस्थान देशभर में चिकित्सा सेवाओं में सिरमौर बने। उन्होंने अपने पिछले कार्यकाल में मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना, मुख्यमंत्री नि:शुल्क जांच योजना शुरू की जो देशभर में नज़ीर बनीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी फ्री मेडिसिन स्कीम की तारीफ की... अब स्वास्थ्य सेवाओं को आगे बढ़ाते हुए 'निरोगी राजस्थान' अभियान का आगाज़ किया जिसमें हर प्रदेशवासी को रोगमुक्त रखने की सोच है, कोरोना प्रबंधन के दौरान प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं लगातार सुदृढ़ होती गईं.. इसी कड़ी में आयुष्मान भारत—महात्मा गांधी स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू कर प्रदेशवासियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुलभ करवाई हैं।  


इन्हीं कार्यों एवं नवाचारों को और आगे ले जाने के लिए और प्रदेश को चिकित्सा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने हेतु मुख्यमंत्री जी ने वर्ष 2021—22 के बजट में 'राजस्थान मॉडल ऑफ पब्लिक हैल्थ' (RMPH) लागू करने की घोषणा की है। इस मॉडल को प्रभावी बनाये जाने तथा सभी को स्वास्थ्य का अधिकार प्रदान करने के उद्देश्य से 'राइट टू हैल्थ बिल' भी लाया जाएगा। इस मॉडल से हर व्यक्ति के लिए उच्चतम स्तर के स्वास्थ्य मानदण्डों को प्राप्त करना है, यह अपने आप में एक अनूठा उदाहरण है।


3500 करोड़ रुपये का 'यूनिवर्सल हैल्थ कवरेज' होगा लागू

मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत जी इस बजट में प्रदेशवासियों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण योजना लाए हैं, जो हर परिवार को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करेगी। उन्होंने प्रदेश में 'यूनिवर्सल हैल्थ कवरेज' लागू करने की घोषणा की है जो देश में पहली बार राजस्थान में लागू होगा। इसकी लागत 3500 करोड़ रुपये होगी। इसके तहत राज्य के प्रत्येक परिवार को 5 लाख रुपये तक का चिकित्सा बीमा कवर उपलब्ध करवाया जाएगा। 


इस प्रकार, आयुष्मान भारत महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना के NFSA एवं SECC परिवारों के साथ-साथ समस्त संविदाकर्मियों, लघु एवं सीमान्त कृषकों को निःशुल्क तथा अन्य परिवारों को बीमा प्रीमियम की 50 प्रतिशत राशि पर (अर्थात लगभग 850 रूपये वार्षिक खर्च पर) सरकारी व निजी चिकित्सा संस्थानों में cashless इलाज हेतु 5 लाख रूपये तक की वार्षिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।


मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत द्वारा चिकित्सा के क्षेत्र में प्रदेशवासियों को 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाना बहुत ही लाभदायक सिद्ध होगा। इससे प्रदेश के सभी परिवारों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।