राजस्थान में मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत द्वारा पेश किये गए जन बजट 2021-22 में अनेक उल्लेखनीय निर्णयों एवं घोषणाओं ने इसे विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों के लिए हितकारी और बेमिसाल बनाया है। प्रदेश के हर वर्ग, हर व्यक्ति के लिए बजट में सौगातें हैं। प्रदेश में पहली बार पेपरलैस बजट पेश किया गया, जोकि एक ऐतिहासिक कदम है। बजट के माध्यम से समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए विकास योजना की रूपरेखा तैयार होती है। मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश के किसान भाइयों, व्यापारियों, उद्यमियों, युवाओं, महिलाओं, वंचित वर्गों, मजदूरों आदि सभी को साथ लेकर प्रदेशवासियों के जीवन को खुशहाल बनाने की सोच के साथ बजट पेश किया।
राजस्थान के विकास को समर्पित राज्य बजट में ऐसी अनेक बातें हैं जिनसे सरकार के ध्येय, आमजन की सेवा करते हुए संवेदनशील, पारदर्शी एवं जवाबदेह सुशासन देने की प्रतिबद्धता एवं संकल्प प्रदर्शित होता है। सरकार सबसे जरूरतमंद व्यक्ति तक सबसे पहले पहुंचना चाहती है। प्रत्येक नागरिक के कल्याण को समाहित करने वाले इस बजट की कई महत्वपूर्ण घोषणाएं हैं, जिनसे माननीय मुख्यमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में प्रगति के पथ पर अग्रसर राजस्थान की आगामी वर्षों में बदलती तस्वीर देखने को मिलेगी
आगामी वर्ष से कृषि के लिए अलग से होगा बजट
राजस्थान अन्नदाता का स्थान है एवं यहाँ उन्हें हर प्रकार की एवं बेहतर सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। राज्य बजट 2021-22 के अंतर्गत अन्नदाताओं के बेहतर भविष्य के लिए, उन पर पूर्ण ध्यान देने हेतु एवं उनके हितों के संरक्षण के लिए आगामी वर्ष से 'कृषि बजट' की शुरुआत करना प्रस्तावित किया गया है। अलग बजट से किसानों को दी जाने सुविधाओं पर ध्यान देकर उन्हें उन्नति के मार्ग पर ले जाने में सरलता होगी। किसानों के ऋण संबंधी प्रावधानों एवं उन्हें सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाओं को इसी कृषि बजट में रखा जायेगा।
ग्रामीण बस सेवा की शुरुआत
राज्य बजट 2021-22 के अंतर्गत पर्यटन एवं परिवहन को लेकर विभिन्न घोषणाएं की गई हैं। शहरों की तरह ही ग्रामों में परिवहन को लेकर किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े इसके लिए नए वाहनों के साथ ग्रामीण बस सेवा दोबारा शुरू करने पर सहमति दी गयी है। कई ग्राम पंचायतों में जहाँ अभी तक परिवहन के साधन उपलब्ध नहीं थे ऐसी 6000 ग्राम पंचायतों को परिवहन सेवा से जोड़ा जायेगा। इसके लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। साथ ही प्रदेश के प्रतापगढ़, करौली, जैसलमेर और बारां जिलों में ऑटोमैटिक फिटनेस सेंटर्स बनाये जायेंगे। परिवहन क्षेत्र में लिए गए इन निर्णयों की बदौलत हमारे ग्रामीण भाई-बहन आसानी से आवगमन कर सकेंगे।
प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रतिभागियों को नि:शुल्क यात्रा की सुविधा
राज्य सरकार के इस जनहितकारी बजट में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे परीक्षार्थियों के लिए राजस्थान रोडवेज में नि:शुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान की गयी है। ऐसे में छात्र-छात्राओं पर पड़ने वाले आर्थिक भार में कमी आयेगी एवं वे परीक्षा पर अपना ध्यान केन्द्रित कर सकेंगे। प्रतियोगी परीक्षा के प्रतिभागियों के साथ ही प्रदेश के युवा ब्रांड एम्बेसडर्स को भी यह सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना का विस्तार
महिला सशक्तीकरण में राजस्थान सरकार सदैव आगे रही है एवं इस बजट में मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत द्वारा की गई मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना के विस्तार की घोषणा में यह साफ़ जाहिर भी हुआ है। इस योजना के अंतर्गत सभी महिलाओं को नि:शुल्क सेनेटरी नैपकिन के लिए 200 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। इससे महिलाओं को अब इन नैपकिन्स पर आर्थिक व्यय करने की आवश्यकता नहीं होगी एवं जो महिलाएं इन्हें खरीदने में समर्थ नहीं हैं उन्हें भी यह मुफ़्त प्राप्त हो सकेंगे। शहरी एवं खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में नैपकिन उपलब्ध करवाकर महिला स्वास्थ्य का पूरा ध्यान राज्य सरकार द्वारा रखा गया है।
जरूरतमंद को सहायता में बढ़ोतरी
कोरोना महामारी से उपजे आर्थिक संकट से उबारने के लिए मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत द्वारा पेश किये गए बजट में जरूरतमंदों, असहायों, निराश्रितों एवं मजदूर परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई गयी है। लगभग 33 लाख ऐसे लोगों को आगामी वर्ष में अंतिम क़िस्त के रूप में 1-1 हजार रूपये की सहायता राशि 2 बार में देने की घोषणा की गई है। कोरोनाकाल ने गरीब वर्ग पर काफी प्रभाव डाला है एवं राज्य सरकार ने समय पर उनको सहायता उपलब्ध करवाई जिससे मुश्किल समय में भी वे परेशान न हों एवं अपनी मूलभूत आवश्यकताओं को पूर्ण कर सकें। आमजन की पीड़ा को अनुभव करते हुए एक विशेष कोविड पैकेज की घोषणा की गयी है।
जीवन रक्षक योजना की शुरुआत
प्रदेश में आपातकाल में नागरिकों की सुरक्षा एवं मदद के लिए लोगों को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार द्वारा विशेष योजना की शुरुआत की गई है। जीवन रक्षक योजना के तहत गंभीर घायलों का जीवन बचाने वाले व्यक्तियों को 5 हजार रूपये एवं प्रशस्ति पत्र द्वारा सम्मान दिया जायेगा। इससे लोगों को जहाँ जीवन बचाने पर प्रोत्साहन मिलेगा वहीं घायलों की जान बचाना समय पर संभव हो पायेगा।
यूनिवर्सल हैल्थ कवरेज
बजट 2021-22 में प्रदेशवासियों को स्वास्थ्य सुरक्षा का उपहार देते हुए आगामी वर्ष से राजस्थान में 3500 करोड़ रूपये की लागत से Universal Health Coverage लागू किया जाएगा। यह योजना देश में पहली बार चलायी गई है। इसके तहत राज्य के प्रत्येक परिवार को 5 लाख रूपये की चिकित्सा बीमा सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। इस प्रकार से आयुष्मान भारत-महात्मा गाँधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना के NFSA एवं SECC परिवारों के साथ-साथ समस्त संविदाकर्मियों, लघु एवं सीमान्त कृषकों को नि:शुल्क तथा अन्य परिवारों को बीमा प्रीमियम की 50 प्रतिशत राशि पर (लगभग 850 रूपये वार्षिक खर्च पर) सरकारी व निजी चिकित्सा संस्थानों में कैशलेस इलाज हेतु 5 लाख रूपये तक की वार्षिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
राज्य सरकार के इस बजट में मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत द्वारा विभिन्न घोषणाओं के माध्यम से राज्य के हर नागरिक के चेहरे पर मुस्कान आई है। विभिन्न माध्यमों से लोगों को लाभान्वित कर उन्हें अनेक सुविधाएं एवं सेवाएं पहुँचाने के लिए विभिन्न कार्य किये जाएंगे। राज्य सरकार का प्रयास है कि कोई वर्ग किसी प्रकार से बजट के लाभों से अछूता न रहे एवं राज्य चहुंमुखी विकास की ओर अग्रसर हो।

बहुत ही अच्छा बजट
ReplyDeleteबहुत ही अच्छा बजट
ReplyDeleteबहुत ही अच्छा बजट
ReplyDeleteबहुत अच्छा बजट हैं। राजस्थान युनिवर्सल हेल्थ व इंश्योंरेंस आम जन के लिए अत्यधिक उपयोगी होगा। इसी प्रकार शिक्षा व उघोग के बहुत ही माकुल व्यव्स्था बजट में की है। इसके लिए मुख्यमंत्री जी को बहुत बहुत धन्यवाद व आभार।
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