Tuesday, March 2, 2021

देश में पहली बार राजस्थान में 'यूनिवर्सल हैल्थ कवरेज': प्रत्येक परिवार को 5 लाख रूपये की चिकित्सा बीमा सुविधा


 
'पहला सुख निरोगी काया' की अवधारणा पर काम करते हुए महात्मा गांधी जी के कथन 'स्वास्थ्य ही असली संपत्ति है, न कि सोना और चांदी' को आत्मसात करते हुए माननीय मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत जी प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य को सर्वोपरि रख निरोगी राजस्थान बनाने के लिए लगातार हर संभव कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री जी का सपना है राजस्थान देशभर में चिकित्सा सेवाओं में सिरमौर बने। उन्होंने अपने पिछले कार्यकाल में मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना, मुख्यमंत्री नि:शुल्क जांच योजना शुरू की जो देशभर में नज़ीर बनीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी फ्री मेडिसिन स्कीम की तारीफ की... अब स्वास्थ्य सेवाओं को आगे बढ़ाते हुए 'निरोगी राजस्थान' अभियान का आगाज़ किया जिसमें हर प्रदेशवासी को रोगमुक्त रखने की सोच है, कोरोना प्रबंधन के दौरान प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं लगातार सुदृढ़ होती गईं.. इसी कड़ी में आयुष्मान भारत—महात्मा गांधी स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू कर प्रदेशवासियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुलभ करवाई हैं।  


इन्हीं कार्यों एवं नवाचारों को और आगे ले जाने के लिए और प्रदेश को चिकित्सा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने हेतु मुख्यमंत्री जी ने वर्ष 2021—22 के बजट में 'राजस्थान मॉडल ऑफ पब्लिक हैल्थ' (RMPH) लागू करने की घोषणा की है। इस मॉडल को प्रभावी बनाये जाने तथा सभी को स्वास्थ्य का अधिकार प्रदान करने के उद्देश्य से 'राइट टू हैल्थ बिल' भी लाया जाएगा। इस मॉडल से हर व्यक्ति के लिए उच्चतम स्तर के स्वास्थ्य मानदण्डों को प्राप्त करना है, यह अपने आप में एक अनूठा उदाहरण है।


3500 करोड़ रुपये का 'यूनिवर्सल हैल्थ कवरेज' होगा लागू

मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत जी इस बजट में प्रदेशवासियों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण योजना लाए हैं, जो हर परिवार को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करेगी। उन्होंने प्रदेश में 'यूनिवर्सल हैल्थ कवरेज' लागू करने की घोषणा की है जो देश में पहली बार राजस्थान में लागू होगा। इसकी लागत 3500 करोड़ रुपये होगी। इसके तहत राज्य के प्रत्येक परिवार को 5 लाख रुपये तक का चिकित्सा बीमा कवर उपलब्ध करवाया जाएगा। 


इस प्रकार, आयुष्मान भारत महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना के NFSA एवं SECC परिवारों के साथ-साथ समस्त संविदाकर्मियों, लघु एवं सीमान्त कृषकों को निःशुल्क तथा अन्य परिवारों को बीमा प्रीमियम की 50 प्रतिशत राशि पर (अर्थात लगभग 850 रूपये वार्षिक खर्च पर) सरकारी व निजी चिकित्सा संस्थानों में cashless इलाज हेतु 5 लाख रूपये तक की वार्षिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।


मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत द्वारा चिकित्सा के क्षेत्र में प्रदेशवासियों को 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाना बहुत ही लाभदायक सिद्ध होगा। इससे प्रदेश के सभी परिवारों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।

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